आज पता लगा औरत का दिल समुंदर सा है !
चाहै तो शांत या नहीं तो विक्राल रूप सा है !!
गहरे राज भी आपके अंदर समा लेति है!
सीप मैं भी मोती बना देती है !!
खारे पानी मैं भी जीवन साजा देता है!
या अपनी इतचाओ को दबा देती है !!
दिन मैं आपकी सोच की लहरों को सुला लेती है!
या रात को अकेले मैं अपनी सोच को जवारभाता सा बना देती है !!
मैं औरत हूं कोई खेल नहीं!
वक्त आने पर ज्वालामुखी को भी शांत करवा देती है !!
दम इतना है की पुरे संसार को हिला शक्ति है!
अपनों के लिए अपने ऊपर से राम सेतु भी बना शक्ति है !!
आज पता लगा औरत !
चाहै तो शांत या नहीं !!
Thank and Regards
Nitin Bali
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