2 दिन में मेले में, मद मस्त रहना चलता हूं !
बस इस जीवन को जीना चलता हूं !!
कुछ नहीं चाहिए मुझे तुझसे ये दुनिया!
बस अपने हक का जीना चाहता हूं में!!
मैं अपनी नजरो मैं उठ कर रहुं, उससे ज्यादा नहीं चाहिए मुझे!
पर इस जीवन के हर पल को जीना चाहता हूं में!
जब जीवन से अलविदा लू तो रोना मत मेरी अंतिम विदाई पर!
बस दुआ करना, जैसा ये जिया वैसे हम भी जी ले !!
इस जीवन के हर बूंद को , मन भर कर पी लेना चाहता हूं में!!!
दुनिया को बदलना, मेरे हाथ मैं नहीं बंधु!
मेरे जीवन की डोर बस मेरे हाथ होनी चाहिए !!
मैं अपने आप का रह सकु, बस इतनी से ख्वाहिश होनी चाहिए!!!
बहुत छोटी सा जीवन है ये हमारा, कभी ना कभी तो जाना ही होगा!
किसी ओर की खुशी को जीकर देखो, ये जीवन भी सुहाना लगेगा !!
No comments:
Post a Comment